छोटे व्यवसाय को बनाना चाहते हैं बड़ा उद्योग
रवींद्र पाठक गोंदिया जिले के मुंडीपार गांव के निवासी हैं, जो अपने छोटे व्यवसाय को बड़े स्तर तक पहुंचाने का सपना देख रहे हैं। वर्तमान में उनकी एक छोटी अगरबत्ती फैक्ट्री है, जिसे वे भविष्य में बड़े उद्योग के रूप में विकसित करना चाहते हैं। इसके साथ ही वे टॉयलेट क्लीनर, डिशवॉश साबुन और अन्य घरेलू उपयोग के उत्पाद भी तैयार करते हैं। उनके इस सफर में अमृत संस्था द्वारा उन्हें पूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।
गोंदिया जिले के मुंडीपार गांव के युवा उद्यमी रवींद्र पाठक अपने हौसले, मेहनत और बड़े सपनों के दम पर छोटे व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की तैयारी में हैं। वर्तमान में वे अगरबत्ती निर्माण का छोटा उद्योग संचालित कर रहे हैं, लेकिन उनका लक्ष्य इसे आनेवाले समय में बड़े उद्योग के रूप में स्थापित करना है।
अगरबत्ती निर्माण के साथ-साथ रवींद्र पाठक घरेलू उपयोग में आने वाले कई उत्पाद भी तैयार करते हैं। इनमें टॉयलेट क्लीनर, डिशवॉश साबुन और अन्य सफाई से जुड़े उत्पाद शामिल हैं। स्थानीय स्तरपर उनके उत्पादों को लोगों द्वारा अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और धीरे-धीरे उनका व्यवसाय आगे बढ़ रहा है।
रवींद्र पाठक का कहना है, की “हर बड़ा उद्योग कभी ना कभी छोटे स्तर सेही शुरू होता है। यदि इन्सान के मन में मेहनत और आगे बढ़ने की चाह हो, तो सफलता जरूर मिलती है।”
उनके इस प्रयास में अमृत संस्था की ओर से उन्हें पूर्ण सहायता और मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इस माध्यम से उन्हें व्यवसाय को आगे बढ़ाने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा स्वरोजगार को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सहयोग प्राप्त हो रहा है। साथ ही जल्द ही उनके उत्पाद अमृतपेठ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनके व्यवसाय को ऑनलाइन बाजार में नई पहचान मिलने की संभावना है।
उनका उद्देश्य केवल अपना व्यवसाय बढ़ाना ही नहीं, बल्कि भविष्य में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी है। ग्रामीण क्षेत्र से उद्योग खड़ा कर आत्मनिर्भर बनने की उनकी सोच लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है। स्थानीय नागरिकों ने भी उनके प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उचित सहयोग और अवसर मिलने पर आनेवाले समय में रवींद्र पाठक का यह छोटा उद्योग बड़े व्यवसाय के रूप में पहचान बना सकता है।
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Mohan Pandey nepal
मुझे विश्व विश्वास
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