गोंदिया में आदर्श ग्राम निर्माण की दिशा में अमृत की योजनाओं का शुभारंभ.
बिरसी (गोंदिया) : बिरसी गांव में ग्रामीण विकास को गति देने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक एवं कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ‘अमृत’ के माध्यम से डिजिटल व्यापार और आदर्श ग्राम निर्माण जैसे दो अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में ग्रामीण, महिलाएं, युवा एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
बैठक में ‘अमृत पेठ’ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म व अमृत बाजार पेठ ऑफलाइन प्रचार-प्रसार पर चर्चा हुई । “अमृत पेठ” को गांव-गांव तक पहुंचाने और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने पर विचार-विमर्श किया गया। यह तय किया गया कि जिस प्रकार कार्निवल या मेले में विभिन्न व्यापारी अपने-अपने उत्पादों — जैसे खाद्य सामग्री, हस्तशिल्प, वस्त्र, घरेलू उत्पाद आदि — के स्टॉल लगाते हैं, उसी तर्ज पर बिरसी एवं आसपास के क्षेत्र में एक विशेष व्यापारिक कार्निवल आयोजित किया जाएगा।
इस कार्निवल में “अमृत पेठ” से जुड़े विक्रेताओं को स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां वे अपने उत्पादों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन और बिक्री कर सकेंगे। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर ही डिजिटल पंजीकरण, ऑनलाइन ऑर्डर प्रक्रिया की जानकारी एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने की योजना बनाई गई है, ताकि ग्रामीण सीधे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से भी जुड़ सकें।
इस पहल से स्थानीय उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों एवं छोटे व्यापारियों को नया बाजार और पहचान मिलने की उम्मीद है।
आदर्श ग्राम की दिशा में अमृत की नई पहल
इसी अवसर पर महाराष्ट्र संशोधन, उन्नती और प्रशिक्षण प्रबोधिनी (अमृत) की ओर से बिरसी गांव को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में विभिन्न योजनाओं की नींव रखी गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गांव की महिलाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम गांव के युवा सरपंच उमेश सिंग पंदेले के सानिध्य में आयोजित हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बिरसी को आदर्श ग्राम बनाने के लिए शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और युवाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए सभी नागरिकों को एकजुट होकर कार्य करना होगा।
विशेष अतिथि के रूप में अभिषेक सिंग बैस (जिला अध्यक्ष, करणी सेना) उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा।
प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में कार्तिक तिवारीने (जिला प्रबंधक, अमृत) योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए विभिन्न कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम — जैसे सिलाई, ब्यूटी पार्लर, फूड प्रोसेसिंग, डिजिटल सेवाएं आदि — संचालित किए जाएंगे, जिससे वे स्वरोजगार स्थापित कर सकें और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकें।
कार्यक्रम में प्रणय नागले तथा समीर पहरेले (युवा सामाजिक कार्यकर्ता) सहित अन्य युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही। युवाओं ने गांव के विकास में पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया।
समग्र विकास की ओर अग्रसर बिरसी
“अमृत पेठ” के माध्यम से बाजार से जुड़ाव और अमृत की अन्य योजनाओं के जरिए कौशल विकास एवं रोजगार सृजन — इन दोनों पहलों से बिरसी गांव विकास की नई राह पर अग्रसर होता दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने इन प्रयासों का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में बिरसी एक आदर्श ग्राम के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा।
इस प्रकार बिरसी में आयोजित यह कार्यक्रम गांव के सामाजिक, आर्थिक एवं डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है ।
अमृत संस्था परिचय
महाराष्ट्र संशोधन, उन्नती व प्रशिक्षण प्रबोधिनी अर्थात अमृत महाराष्ट्र शासन की स्वायत्त संस्था है। जिन खुला प्रवर्ग की जातियों को अन्य शासकीय निगमों अथवा महामंडलों का लाभ नहीं मिलता, ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग अमृत का लक्ष्य समूह हैं। वार्षिक आय ₹8 लाख से कम होने पर पात्र व्यक्ति अमृत की विभिन्न योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
वेबसाइट :https://mahaamrut.org.in/
Comments 0 Comments
No comments yet
You can start the discussion
Write a Comment